कागजातों को रजिस्टर्ड कराना क्यों जरुरी होता है ?

Written by Editor on मई 16, 2018 in category Uncategorized | 3305 Views

सामान्य अध्ययन- 3 [ भारत का आर्थिक परिवेश एवं भारतीय अर्थव्यवस्था]

क्यों जरुरी होता है कागजातों को रजिस्टर्ड कराना ?
प्रॉपर्टी की खरीददारी से जुड़े कई कागजों का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है। इस बारे में दिशा-निर्देश देने के लिए ‘इंडियन रजिस्ट्रेशन एक्ट 1902′ बनाया गया है। इसमें स्पष्ट है कि किन कागजात को रजिस्टर्ड कराना जरूरी है और किन्हें नहीं। इस एक्ट के अलावा कुछ कागजात का रजिस्ट्रेशन ‘दि ट्रांसफर आफ प्रॉपर्टी एक्ट 1882′ के अनुसार किया जाता है।

‘इंडियन रजिस्ट्रेशन एक्ट 1902′ के सेक्शन 17 के अनुसार, निम्नलिखित कागजात को रजिस्टर्ड कराना जरूरी होता है-

1. अचल सम्पत्ति को गिफ्ट के रूप में देने से जुड़े कागज। हर मूल्य प्रॉपर्टी की गिफ्ट डीड रजिस्टर्ड कराना जरूरी है।

2. गैर-वसीयत वाले ऐसे कागजात, जिनसे अचल सम्पत्ति में अधिकार, दावा या रुचि साबित हो, इनका हनन हो या इनके सम्बन्ध में किसी लेनदेन के बारे में बताया जाय।

3. ज्यादातर मॉर्गेग डीड- ‘दि ट्रांसफर आफ प्रॉपर्टी एक्ट 1882′ के सेक्शन 54 के अन्तर्गत अचल सम्पत्ति को बेचने पर डील के कागजात रजिस्टर्ड कराने पड़ते हैं। हालांकि 100 रुपये से कम कीमत में प्रॉपर्टी बेचने पर सेल डीड को रजिस्टर्ड कराने से छूट दी गयी है। वास्तव में, यह संभव नहीं होता, इसलिए कह सकते हैं कि हर सेल डीड की रजिस्टर्ड कराना जरूरी है।

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