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Indian History

दिल्ली :ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का संगम स्थल

  ऐतिहासिक शहरों की गाथा  देश का दिल दिल्ली  :ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों  का संगम स्थल  दिलवालो की दिल्ली का इतिहास काफी पुराना है, प्राचीन काल से मध्यकाल तक और गुलामी के समय से आज तक दिल्ली इतिहास के पन्नो में दर्ज होती आरही है । दिल्ली पर मौर्य, गुप्त, पाल, …

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सिक्‍ख शक्ति का उदय

इतिहास के पन्नो से …  * सिक्‍ख शक्ति का उदय * सिक्‍ख धर्म की स्‍थापना सोलहवीं शताब्‍दी के आरंभ में गुरूनानक देव द्वारा की गई थी। गुरू नानक का जन्‍म 15 अप्रैल 1469 को पश्चिमी पंजाब के एक गांव तलवंडी में हुआ था। एक बालक के रूप में उन्‍हें दुनियावी चीज़ों में कोई दिलचस्‍पी …

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विश्व की लगभग हर भाषा में हो चुका है अनुवाद: पंचतंत्र !

पुस्तके जो अमर है!   विश्व की लगभग हर भाषा में हो चुका है अनुवाद: पंचतंत्र  ! संस्कृत नीतिकथाओं में पंचतंत्र का पहला स्थान माना जाता है । इस पुस्तक की महत्ता इसी से प्रतिपादित होती है कि इसका अनुवाद विश्व की लगभग हर भाषा में हो चुका है । पंचतंत्र …

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* पूना पैक्ट का देन है आरक्षण का सिद्धांत ! *

सामान्य अध्ययन -1 ( आधुनिक भारत )    * पूना पैक्ट का देन है आरक्षण का सिद्धांत ! *  आज आरक्षण की बात हर जगह सुनाने को मिल ही जाता है, कुछ साल पहले पूरा देश आरक्षण के आगा में जल रहा था, तो कई राजनीतिज्ञ आज भी इसे चुनावी मुद्दा बना …

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इतिहास और राजनीति का सुन्दर समन्वय : मुद्राराक्षस

पुस्तके जो अमर है! इतिहास और राजनीति का सुन्दर समन्वय प्रस्तुत करता  है मुद्राराक्षस ! भारत के हर काल में ऐसी कई पुस्तको की रचना किया गया है, जो हजारो सालो से हमें ज्ञान बाटते आ रही है । इन अमर पुस्तको में एक है विशाखदत्त द्वारा रचित संस्कृत का ऐतिहासिक …

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राज्यव्यवस्था का उत्तम ग्रंथ है:- कौटिल्य का अर्थशास्त्र !

पुस्तके जो अमर है!  राज्यव्यवस्था का उत्तम ग्रंथ है:-  कौटिल्य का अर्थशास्त्र ! चाणक्य द्वारा रचित संस्कृत का एक ग्रन्थ है अर्थशास्त्र । इसमें राज्यव्यवस्था, कृषि, न्याय एवं राजनीति आदि के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया है। इसकी शैली उपदेशात्मक और सलाहात्मक है। चाणक्य सम्राट् चंद्रगुप्त मौर्य (321-298 ई.) …

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खानवा का युद्ध

इतिहास के पन्नो से…  ऐतिहासिक युद्ध-6   खानवा का युद्ध पानीपत का प्रथम युद्ध के बाद बाबर ने  अपने साम्राज्य विस्तार के लिए खानवा का युद्ध 1527 में  मेवाड़ के राणा सांगा के साथ लड़ा,जिसमे बाबर ने सांगा को हराया। युद्ध के उपरांत राजपूत राज्य कमजोर हुआ और मुग़ल साम्राज्य का नीव …

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पानीपत का दूसरा युद्ध

इतिहास के पन्नो से…ऐतिहासिक युद्ध-13 पानीपत का दूसरा युद्ध   पानीपत की दूसरी लड़ाई 5 नवम्बर, 1556 ई. को अफ़ग़ान बादशाह आदिलशाह सूर के योग्य हिन्दू सेनापति और मंत्री हेमू और अकबर के सेनापति बैरम खान बीच हुई। इस लड़ाई के बाद भी एक नए युग की शुरूआत हुई और भारतीय इतिहास के …

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कन्नौज का युद्ध

इतिहास के पन्नो से…ऐतिहासिक युद्ध-10 कन्नौज का युद्ध चौसा युद्ध जीतने के एक साल बाद  फिर दोनों  कन्नौज के मैदान में आमने-सामने हुए| बिलग्राम या कन्नौज का युद्ध 17 मई, 1540 ई. को लड़ा गया । शेरशाह ने 5 भागों में सेना को विभक्‍त करके मुगलों पर आक्रमण कर दिया । जिस …

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हल्दीघाटी का युद्ध

इतिहास के पन्नो से… ऐतिहासिक युद्ध -15 हल्दीघाटी का युद्ध हल्दीघाटी का युद्ध अकबर और महाराणा प्रताप के बीच हुआ। अकबर ने मेवाड़ को पूर्णरूप से जीतने के लिए अप्रैल, 1576 ई. में आमेर के राजा मानसिंह एवं आसफ ख़ाँ के नेतृत्व में मुग़ल सेना को आक्रमण के लिए भेजा। दोनों सेनाओं …

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